अध्याय 95

कतनीस के शब्द हवा में अभी गूंज ही रहे थे कि सेड्रिक की आंखें पल भर में सुर्ख लाल हो उठीं। “इसका ख्याल भी मत करना!” वह झल्ला उठा।

“अभी तलाक़ की कूलिंग-ऑफ अवधि चल रही है। मैंने अपना फैसला बदल लिया है और कभी भी अर्जी वापस ले सकता हूँ। बेहतर है, यह बात अपने दिमाग से निकाल दो।”

उसकी आवाज़ में इतना ठोस ...

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